Positive Things ये वाकई सिर्फ हमारे दिमाग की सोच है..

Positive Things ये वाकई सिर्फ हमारे दिमाग की सोच है..

Positive Things ..

It’s like mind game..

हमारा दिमाक जो सोचता है उन्ही बातों को महसूस करता है और फिर वही सब हमे उदास या खुश बनाते है..मतलब कि मूड हम जो महसूस करते है उसी तरह अच्छा या खराब उसी तरह मूड होता है। इस लिये Positive Things (पॉजिटिव थिंग्स) एक गेम है जो माइंड में चलता है..!

अब इस अच्छी खराब फीलिंग्स / emotions पर काबू पाना ही तो मुश्किल होता है लेकिन जब ये ठान लो कि emotions पर काबू पाना है इस पर control की कोशिश करना अच्छा होता है इसके लिए सबसे पहले दिमाक जो सोच रहा है यानी कि हमे हमारी सोच पर काबू पाना होता है तो सबसे पहले सोचने पर यानी जो दिमाक सोच रहा उस पे काबू पाओ..

माइंड चेंज करने का ये एक टफ/मुश्किल गेम है..! पर जब इसमे एक्सपर्ट हो जाओ तो खुश रहने का एक बढ़िया तरीका ये लगता है..क्योकि ये emotions दिमाक की ही सोच होती है.. सोच पर काबू हो जाये फिर उदासी को भगा कर यानी कि दूर कर के खुश होना आसान हो जाता है.. 

इसलिए सोच पर काबू पाना जरूरी है क्योकि उदास होने के हजार वजह है हमारे पास लेकिन खुश होने के भी हजार बहाने होते है बस positive सोच के साथ याद करना महसूस करना कि जरूरत होती है बस

हमे मन से कभी कभी बडे हो कर भी छोटे से बच्चे जैसा होना चाहिए जी भर के बात बात पर खूब हँसी मजाक करना जरूरी है.. उदासी तो बड़े होने पर है..दूसरों के सामने बड़े बनना पड़ता है पर खुद के साथ तो बच्चा बनाना जा सकता है जी भर हँसा जा सकता है..

रूल समझ आया हो तो इस गेम को try करना..!  खुद के साथ छोटे से बच्चे जैसे हो के देखना..☺️!

और अगर ये पोस्ट पसंद आई हो तो कॉमेंट बॉक्स में कमेंट करे आप अपने अनुभव या अपने विचार भी हमे बता सकते है..

अगर हम खुद पर ध्यान दे तो 24 घंटे में कई घंटे हम अकेले हो के भी खुद के साथ नही होते..! खुद को एक दो घंटे वक्त दे कर खुद के साथ खुश हो कर खुद के साथ हो के देखो मजा आता है….एकांत जरुरी नही होता खुद के साथ होने के लिये..! लोगों के बीच भी खुद के साथ रहा जा सकता.. एक बार ईमानदारी से खुद से सच्ची दोस्ती कर के तो देखो.. अच्छा लगेगा😊

 Keep Smiling..

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