बाजार का सिद्धान्त — सम्पूर्ण हिंदी नोट्स, सिद्धांत एवं मॉडल | UGC NET और UP PGT अर्थशास्त्र

बाजार के सिद्धान्त के सम्पूर्ण हिंदी नोट्स: पूर्ण प्रतियोगिता, एकाधिकार, कीमत विभेद, चेम्बरलिन, कूर्नो, बर्ट्रांड, एजवर्थ, स्टैकेलबर्ग, स्वीजी, हॉल–हिच और नैश। मॉडल के अर्थशास्त्री, वर्ष, पुस्तक/लेख, मान्यताएँ, सूत्र, हल किए उदाहरण और पाँच ग्राफ सहित।

बाजार का सिद्धान्त (Theory of Markets) – Hindi + English Notes | UGC NET & UP PGT Economics

बाजार का सिद्धान्त: Perfect Competition, Monopoly, Monopolistic Competition, Duopoly और Oligopoly के bilingual exam notes, पाँच सही graphs, formulas, economists, traps और revision table. UGC NET & UP PGT Economics.

बाजार का सिद्धान्त (Theory of Markets) – 100 MCQs with Answers | UGC NET & UP PGT Economics

बाजार का सिद्धान्त के ठीक 100 bilingual MCQs: 25 Easy, 25 Moderate, 25 Hard, 25 Hardest. Four options, correct answers, explanations और पाँच graphs. UGC NET & UP PGT Economics practice.

उत्पादन का सिद्धान्त (Theory of Production) – Bilingual Notes | UGC NET & UP PGT Economics

उत्पादन का सिद्धान्त: bilingual notes with TP/AP/MP graphs, laws of returns, Cobb–Douglas, isoquants, formulas, exam traps और 100 MCQs का अभ्यास लिंक।

उत्पादन का सिद्धान्त (Theory of Production) – 100 MCQs | UGC NET & UP PGT Economics

उत्पादन का सिद्धान्त के ठीक 100 bilingual practice MCQs: 25 Easy, 25 Moderate, 25 Hard और 25 Hardest; प्रत्येक के चार options, answer और explanation।

Utility Analysis: 250 Hindi MCQs | UGC NET & UP PGT Economics

Discrete TU rises to 30 at four units, stays 30 at five and falls to 27 at six. MU is 12, 9, 6, 3, 0 and minus 3.

UGC NET और UP PGT Economics के लिए Utility Analysis के 250 मौलिक Hindi MCQs: 5 difficulty sets, TU–MU numericals, Gossen के नियम, उत्तर और explanations। अपना score जाँचें और Consumer Behaviour notes से revision करें।

Consumer Behaviour Notes in Hindi & English | UGC NET & PGT Economics

Budget line Y = 12 − 2X tangent to indifference curve XY = 18 at equilibrium E = (3,6). Higher utility XY = 36 is unaffordable.

Consumer Behaviour = पसंद (preferences) + क्रय क्षमता (budget) + सबसे अच्छा उपलब्ध चुनाव (optimal choice). UGC NET Economics Unit 1 के इस topic और PGT Economics के संबंधित concepts …

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Resilience : अगर जीवन की चुनौतियों पर काबू पाना हो !

Resilience

 Resilience : जीवन अप्रत्याशित हो सकता है, और कभी-कभी यह कठिन हो सकता है। व्यक्तिगत असफलताओं से लेकर वैश्विक संकटों तक, चिंतित और तनावग्रस्त महसूस करना स्वाभाविक है। हालाँकि, यह …

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मोमेंटम क्या है, कामयाबी के लिए मोमेंटम कैसे बनाएं| How to Build Momentum Tips in Hindi

Momentum

How to Build Momentum: Hal Elrod अपनी एक किताब में कहते हैं कि उनका घर एक पहाड़ की ऊँचाई पर था। वह कई बार कोशिश कर चुके थे कि बिना …

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What is Consistency | कंसिस्टेंसी क्या है? कामयाब होने के लिये इसे कैसे डेवेलप करे

What is Consistency

What is Consistency: यदि कोई एक सलाह आपको किसी को देना हो या खुद में सुधार लाने के लिए खुद को देना हो, तो फिर आप चाहे किसी भी फील्ड में क्यों न हो चाहे, किसी को अपना काम न पसंद ही क्यों न हो, चाहे आपको ऐसा लगता है कि आप टैलेंटेड हो या नही। कामयाबी के लिये सबसे कारगर और ताकतवर सलाह होगी कि अपने अंदर कंसिस्टेंसी (Consistency) लाइये। 

What is Consistency Meaning in Hindi – 

Consistency  का इतिहास बहुत इंटरेस्टिंग है। इसका प्रयोग आज से लगभग पंद्रह सौ साल पहले लैटिन भाषा में हुआ था। यह लैटिन भाषा से बना शब्द हैं। यह लैटिन के Consistere से बना है। जहां “con” का अर्थ “साथ मे” और “sistere”  का अर्थ “स्थिर रहना”, “दृढ़ रहना” है। 

 कंसिस्टेंसी का मतलब है कि जो भी छोटे से छोटा एक्शन या बदलाव जो हम लाना चाहते हैं, उसके साथ स्थिर बने रहना।

 बदलाव के लिये लिया गया एक्शन कितना भी छोटा क्यों न हो, अगर आपके पास कंसिस्टेंसी (Consistency)  है तो रिजल्ट आने लगते हैं और दूर से देखने पर लगता है कि जादू हो गया। 

कंसिस्टेंसी इतनी ताकतवर क्यों है? 

Consistency बहुत ज्यादा पावरफुल इसलिए होती है क्योंकि यह आईडेंटिटी शिफ्ट कर देती है। जब हम कुछ हरकतें/ काम किसी भी कारण से कंसिस्टेंसी के साथ करना सीखते हैं तो हमारे अंदर एक सुपर पावर (Super Power आ जाती है। इस सुपर पावर को ही हम विश्वास (Belief) कहते है और हमें खुद पर भरोसा हो जाता है कि मैं छोटे ही सही लेकिन अपने व्यवहार (Behaviour) से अपनी मर्जी से बदलाव ला सकता सकते है। खुद को दिशा/ डायरेक्शन दे सकते है।

उदाहरण के लिये अगर आप किसी 50 साल से अधिक उम्र के अंकल को, जो बहुत नशा बहुत करते हैं, उनको समझा कर देख लीजिए। उनसे कहिये की अंकल आप चाहे तो नशा करना छोड़ सकते हैं। आप उनका जवाब कुछ इस तरह से पायेंगे। वो कहेंगे बेटा इन सब चीजों से कुछ नहीं होगा, हमने भी दुनिया देख रखी है।

असल में यह माननीय अंकल भी कंसिस्टेंसी (Consistency) का ही शिकार हैं। जानते हुए भी नशा गलत आदत है, वह इसे बार बार कर के अनजाने में अपने अंदर कंसिस्टेंसी (Consistency) बना चुके होते हैं। उन्हें विश्वास हो चुका होता है कि वह कमजोर है और अपनी पुरानी आदतें बदल नहीं सकते। 

 मतलब साफ है कंसिस्टेंसी (Consistency) दो धारी तलवार की तरह ही है। अब हम बात करते है Consistency के Negative साइड पर.. अगर आपको किसी का जीवन खराब करना है तो उसे केवल एक चीज डिस्ट्रेक्शन (Distraction = लक्ष्य से भटकना) में परंपरागत बना दीजिए, बाकी वह अपना नुकसान खुद कर लेगा, जिंदगी भर दुखी रहेगा और आसपास भी सब को कष्ट देगा।

 Consistency

क्योंकि जब हम डिस्ट्रक्शन में होते हैं तो न केवल हम अपने कीमती समय को waste (नष्ट) करते हैं,  बल्कि हम अंदर से दुखी (Sad) भी होने लगते हैं। क्योंकि Distracted Mind is an Unhappy Mind.. अगर हमारे एक्शन में, उसके उद्देश्य में, कंसिस्टेंसी (Consistency) नहीं होती है तो हर दिन सोचना पड़ता है कि कहां से शुरू करें, और फिर पूरा दिन भटकते हुए निकल जाता है। 

ऐसी परिस्थिति में कोई कितना ही टैलेंटेड क्यों न हो पूरी एनर्जी केवल काम को शुरू करने में ही निकाल देगा। Energy खत्म तो हम कुछ खास कर ही नही पाएंगे और जब तक हम कुछ खास नही करते हैं तब तक हमें कोई फीडबैक (Feedback) नही मिलता है। हम कुछ सीख नहीं पाते हैं। 

जब तक आप अपने काम के प्रति सचेत हो कर नहीं सोचते हैं तब तक आप अपने अंदर के सोये हुए टैलेंट को बाहर निकाल ही नही सकते..! फिर न तो कॉन्फिडेंस आएगा और न ही सन्तुष्टि (Satisfaction) महसूस होगा।

Consistency की विशेषता – 

 कंसिस्टेंसी (Consistency) की सबसे बड़ी खासियत है मोमेंटम (Momentum) अगर आप से से कोई पूछें कि किसी कठिन एग्जाम के लिए लॉजिकल रीजनिंग मैथ के कांसेप्ट को क्लियर करना है तो सबसे पहले यही सलाह होगी कि किसी भी तरह की रिजनिंग लॉजिकल है, जिसे बार बार प्रैक्टिस कर के करना सीखना होगा। क्योकि इसमे हम कम समय में कुछ खास तरीके से सोच कर दिए गए ऑप्शन से आंसर का चुनाव करते हैं।

इसे एक दिन में नही सीखा जा सकता है। लेकिन अगर continue करेगे तो सीख जायेगे। क्योकि इसके पीछे मोमेंटम काम करता है। इसे सीखने के लिए इसको हमें छोटे-छोटे बैक थ्रो (Back Through) की जरूरत होती है। यहां छोटे-छोटे Back Through का मतलब है हम एक माइक्रो लेबर से दूसरे पर जंप करते हैं।

 जब हम कोई प्रॉब्लम बिना किसी मदद के अपने दिमाग में आने वाली तरीके से साफ करने की कोशिश करते हो या कभी कभार बहुत कठिन क्वेश्चन को कर लेते हो और फिर उसे दूसरे दिए गए तरीके से कंपेयर करके असरदार तरीके से सीखते हो तो उसे ब्रेक थ्रो (Back Through) कहते है। 

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लाइफ में चमत्कार तब होते हैं जब आप Positive Attitude रखते हैं…

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क्या आप आधा गिलास भरा या आधा गिलास खाली जैसी किस्म के व्यक्ति हैं? एक शोध से यह साबित हो चुका है कि पॉजिटिव एटीट्यूड (Positive Attitude) का हमारे लिए …

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Positive Things ये वाकई सिर्फ हमारे दिमाग की सोच है..

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Positive Things .. It’s like mind game.. हमारा दिमाग जो सोचता है उन्ही बातों को महसूस करता है और फिर वही सब हमे उदास या खुश बनाते है..मतलब कि हमारा …

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दूसरों के लिए नही बल्कि खुद के लिए लोगो को माफ करें और आगे बढ़ जाये…

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किसी को उसकी गलती के लिए माफ कर देना आसान नहीं होता है । लेकिन जाने अनजाने में की गई दूसरो की गलतियों के लिए उसे माफ कर दें और …

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